परमात्मा की तरफ जाना हो तो निर्भार होना जरूरी है- ओशो
परमात्मा की तरफ जाना हो तो निर्भार होना जरूरी है जैसे कोई पहाड़ चढ़ता है तो जैसे-जैसे चढ़ाई बढ़ने लगती है वैसे-वैसे भार भारी ...
परमात्मा की तरफ जाना हो तो निर्भार होना जरूरी है जैसे कोई पहाड़ चढ़ता है तो जैसे-जैसे चढ़ाई बढ़ने लगती है वैसे-वैसे भार भारी ...
बुद्ध का, कृष्ण का, क्राइस्ट का मार्ग तो राजपथ है। राजपथ का अपना सौंदर्य है, अपनी सुविधा, अपनी सुरक्षा | सुंदरदास, दादूदयाल या अब जि...
तेरे सिवाय कुछ भी सच्चा नहीं है- ओशो सांचा तू गोपाल, सांच तेरा नाम है। जहंवां सुमिरन होय, धन्य सो ठाम है।। जहां तेरा स्मरण चल रहा हो, जहां...
सद्गुरु तुम्हें पुकारता है तुम्हारी कब्र से उठो ! जागो ! - ओशो जीसस ने अंधों को आंखें दीं, बहरों को कान दिए, गूंगों को जबान दी, लंगड़ों क...
मिल जाए तो मिट्टी है, खो जाए तो सोना है. - ओशो इस दुनिया का अद्भुत नियम है-मिल जाए तो मिट्टी है, खो जाए तो सोना है! जो तुम्हें मिल जाता ह...
सभी संत अधर में ही हैं - ओशो आलमगीर न ाम का बादशाह मलूक के दर्शन को आया, तो चकित रह गया। जो उसने देखा, उसे अपनी आंखों पर भरोसा न आया। आंखें...
मज्झिमनिका - ओशो कुछ लोग हैं जो एक चीज को छोड़ते हैं तो दूसरी चीज को पकड़ लेते हैं; अति पर चले जाते हैं। धन छोड़ते हैं तो त्याग पकड़ लेते ...
भीतर की घड़ी रुकते ही जन्मों की यात्रा रुक जाती है- ओशो मुल्ला नसरुद्दीन घर लौटा रात... वही फिर तीन बजे । ज्यादा देर मधुशाला में जमा रहता...
असली आदमी कहीं खो गया है - ओशो अव तेरी शरण आयो राम ।। पहले तो इस 'अव' शब्द को तुम थोड़ा सा ध्यान करना। यह ठीक वैसा ही है जैसे व्र ह...
तुम समय नहीं काट रहे हो, समय तुम्हें काट रहा है - ओशो एक जलते मकान के समान हुआ आदमी! मलूकदास ने जिंदगी को सब तरफ से टटोला, खोजा, पहचाना, अन...
जिस समय में परमात्मा मिल सकता है. उसको खिलौनों में काट रहे हो - ओशो ढब्बूजी घर पहुंचे। जोर से चिल्ला कर बोले : हाय, हाय, मेरी जेब कट गयी!...
पुराना चर्च - ओशो एक बहुत पुराने नगर में उतना ही पुराना एक चर्च था। वह चर्च इतना पुराना था कि उस चर्च में भीतर जाने में भी प्रार्थना करने ...