Showing posts with label सिद्धार्थ उपनिषद. Show all posts
Showing posts with label सिद्धार्थ उपनिषद. Show all posts

सिद्धार्थ उपनिषद Page 180

(485) जितने भी संत, बुद्ध पुरुष हुए सभी ने एक बात कही कि आनंद निराकार में है. लेकिन आकार के साथ क्या किया जाए इसमें बड़ी भिन्नता रही....
Read More

सिद्धार्थ उपनिषद Page 179

(483) सांख्य योग कहता है कि देह से तादात्म्य तोड़ो; चैतन्य से तादात्म्य जोड़ो. अष्टावक्र, जनक, महर्षि रमण, जे. कृष्णमूर्ति सांख्य योगी है...
Read More

सिद्धार्थ उपनिषद Page 178

(480) नाद गाड़ी है, संयम (धारणा, ध्यान, समाधी, होश, सुरति, सुमिरन) मार्ग है, गुरु द्वारा निर्धारित कार्यक्रम (ओशोधारा में २८ संबोधि कार्...
Read More

सिद्धार्थ उपनिषद Page 177

(477) ज्ञानी, भक्त एवं संत में क्या अंतर है? ज्ञानी आत्म स्मरण में जीता है. भक्त हरि स्मरण में जीता है. संत आत्म स्मरण और हरि स्मरण दोन...
Read More

सिद्धार्थ उपनिषद Page 176

(476) जीवन जीने  के लिए सम्यक प्रज्ञा चाहिए . सम्यक प्रज्ञा का अर्थ है , उन दिव्य नियमों की समझ जिससे सृष्टि चलती है . ऐसे १२ नियम है...
Read More

सिद्धार्थ उपनिषद Page 175

(472) अहोभाव के साथ किसी को कुछ देने का एवं उसके सान्निद्ध्य का मजा लेने का भाव प्रेम है. प्रेम के तीन सोपान हैं- प्रेम, श्रद्धा एवं भक...
Read More

सिद्धार्थ उपनिषद Page 174

(470) दुनियां में तीन प्रकार की चिकित्सा पद्धतियाँ  हैं- मैक्रोपैथी (स्थूल चिकित्सा), मैक्रोपैथी (सूक्ष्म चिकित्सा), एवं आरोपैथी (आभा च...
Read More

सिद्धार्थ उपनिषद Page 173

(468) आत्मस्मरण के साथ कर्म का मज़ा साक्षी है. दूसरे शब्दों में आत्मा को शामिल करना साक्षी है. आत्मस्मरण के साथ फल का मज़ा स्वीकार भाव...
Read More

सिद्धार्थ उपनिषद Page 172

(465) ओशो का अध्यात्मिक साहित्य हमारी संपदा तो है ही, ओशोधारा का अपना अध्यात्मिक साहित्य भी धीरे-धीरे विराट होता जा रहा है. साधकों के ल...
Read More

सिद्धार्थ उपनिषद Page 171

(462) सभी अवतार, तीर्थंकर, बुद्ध और पैगंम्बर मूलतः योगी हैं. स्वयं मोहम्मद साहब पैगंबर होने के साथ-साथ इल्मे तसव्वुफ (अध्यात्म,ब्रह्मवि...
Read More

सिद्धार्थ उपनिषद Page 170

(459) ध्यान क्या है ? निराकार को जानना और उससे तादात्मय बनाना ध्यान है. सुरति क्या है?  नादमय निराकार कि जानना और उससे तादात्म्य बनाना...
Read More